सूर्य मंदिर की विधि व्यवस्था हैवान भरोसे
- KRISHNANAND JHA
- Sep 27, 2017
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सूर्य मंदिर कन्दाहा जो की अपने अद्वितीय अस्तित्व एवम् अद्भुत कलाकृतियों के लिए विख्यात है, एवम् देश के गिने चुने पर्यटक स्थलों में से एक है को अब राहू का ग्रहण लग चुका है | यह मंदिर सहरसा जिला मुख्यालय से १२ किमी दूर महिषी प्रखंड के कन्दाहा गाँव में अवस्थित है | इस मंदिर की महत्ता अब किसी व्याख्या की मोहताज़ नहीं है , दूर दूर से आये श्रद्धालु अपनी आस्था प्रकट कर इस मंदिर के महत्ता का गुणगान करते हैं | ऐसे ही कई महान गुणों से युक्त इस मंदिर को अब राहू का ग्रहण लग चुका है|
गाँव के कुछ अपराधी छवि के लोग इस मंदिर एवम इस गाँव के विकाश में शुरू से ही हरसंभव टांग अडाते आ रहे हैं, बहुत सी सरकारी योजनायें जो इस मंदिर को पर्यटन मंत्रालय से मिली इन्ही नास्तिक लोगों की वजह से उसका उपयोग नहीं हो पाया फलतः वे सभी योजनायें वापस चली गयीं | ये लोग अपने फायदे एवम अपनी वाहवाही लूटने के लिए किसी भी हद तक पहुँच जाते हैं एवम गाँव के विकाश कार्यों में अक्सर बाधा उत्पन्न करते रहते हैं | कुछ दिनों पहले तक विधि व्यवस्था अपने संतुलन में थी एवम धीरे धीरे विकाश कार्य हो रहे थे | कुछ दिन पूर्व गाँव के कुछ लोगों नें चुपके चुपके अधिकारीयों की मिलीभगत से मंदिर विकाश के नाम पर लूटने के लिए एक समिति का निर्माण करवा लिया एवम मंदिर विधि व्यवस्था में परेशानी उत्पन्न करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं |
इन लोगो ने मंदिर में सबको स्वतंत्र रूप से पूजा करने पर भी पाबन्दी लगा रखी हैं एवम ऐसा नियम बना रखा है की जो भी इस मंदिर में पूजा करेगा उसे दानपेटी में पैसे दान करना अनिवार्य होगा, अब ऐसे नियमों से ये बात तो स्पस्ट होती है की ये लोग सिर्फ पैसे लूटने के लिए इस समिति का निर्माण किये हैं |
जैसा की सबको ज्ञात है की सामान्यतया मंदिर के पूजा पाठ एवम इससे सम्बंधित सभी कार्य वहां के पुजारी के द्वारा सम्पादित किये जाते हैं , वहां इन नास्तिक लोगों ने सभी पुजारियों को हटा कर समिति के किसी सदस्य को ज़बरदस्ती पुजारी नियुक्त कर उससे पूजा सम्बंधित सभी कार्य करवा रहें हैं ,ऐसी परिस्थिति में वहां अराजकता का माहौल व्याप्त है जिससे मंदिर की विधि व्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ा हैं | जैसा की गाँव के सभी लोगों को पता है की उक्त समिति के सभी सदस्यों में से किसी की भी छवि साफ़ नहीं है ,किसी पे खून एवम बलात्कार का मुकदमा दायर है तो किसी पे सरकारी संपत्ति पर कब्ज़ा ज़माने का मुकदमा , अब ऐसे लोग मंदिर जैसे पवित्र स्थल की क्या उन्नति करेंगे |
